
बवासीर कारण,...

बवासीर कारण, आहार और योग मलद्वार के भीतर या बाहर जो शिराएं हैं उनके फूलने या सूजने का नाम बवासीर है। बवासीर दो प्रकार की है खूनी बवासीर और बादी बवासीर। बवासीर का कारण = जठराग्नि अर्थात मेटाबॉलिज्म का धीमा होना, लीवर का कमजोर होना , कब्ज रहना ।जब लगातार कब्ज रहता है तो आतें भी साफ नहीं होती। आंतों में मल सड़ने के कारण आंतों में गर्मी बढ़ती है ।फल स्वरुप आंतों की झिल्ली कमजोर हो जाती है , जिसके कारण मल त्याग के समय जोर लगाने से मलद्वार से खून आने लगता है। ज्यादा तला हुआ भोजन खाना आलसमय जीवन होना , योग न करना आदि बवासीर के कारण है। "अविवेका-सँयमयो योगः रोगाणाम् कारणम्" अर्थात् आहार सम्बन्धी अविवेक और असँयम रोग का कारण है। आहार= अपने आहार में से परांठे, मैदा, मिर्च- मसाले वह सभी तरह की दालें हटा दें, क्योंकि दाल आंतों में गर्मी पैदा करती है।मांसाहार भी बंद कर दें। प्रातकाल नीम गिलोय का रस पानी में मिलाकर दो गिलास पिए। आधा घंटा भ्रमण करें तत्पश्चात शौच जाएं ।फाइबर वाला भोजन ज्यादा खाएं। नाश्ते में रात में भीगी हुई अंजीर व मुनक्का पानी सहित खाएं। प्रातः काल पपीता , खरबूजा, नाशपाती, पका केला, सेब आदि मौसमी फलों का सेवन करें। दोपहर में गेहूं का दलिया , चोकर समेत आटे की रोटी सब्जी, सलाद व शाम के भोजन में केवल मौसमी फल या सब्जी ले। रात को सोने से एक घंटा पहले गर्म दूध में इसबगोल का सेवन करें। बवासीर में योग =1.अश्विनी मुद्रा(Horse gesture) का अभ्यास करें। 2.मल त्याग करने के पश्चात सर्वांगासन का अभ्यास करें जिससे शिराओं में रुका हुआ रक्त अपने स्थान से हट जाए। 3.पादहस्तासन का अभ्यास करें। 4.पवन मुक्त आसन का अभ्यास करें।5. मूलबंध क्रिया।5. खाना खाने के पश्चात वज्रासन।6. भस्त्रिका प्राणायाम ध्यान करें। Note= यह सभी अभ्यास किसी योग्य योग प्रशिक्षक की देखरेख में ही करें। योग प्रशिक्षक पवन उपाध्याय (M.A. Yoga., UGC NET Yoga) www.Yogsutraa.in. 9953985077
Subscribe for latest offers & updates
We hate spam too.
